विधवा मां का इकलौता बेटा, 4 बहनों का अकेला भाई संजय रॉय "sexual pervert" है!!
आर जी कर मामले में प्राइम एक्यूज्ड के तौर पर पुलिस ने इसे अरेस्ट किया,
संजय सिविक पुलिस में है, अस्पताल में उसका एक्सेस था, उस दिन भी वो वहां गया था, पुलिस के सोर्सेस से जितना पता चला था घटना से पहले उसने शराब पी रखी थी और पॉर्न देखा था या कहे रात उस वक्त उसे एक शरीर चाहिए था सेक्स के लिए और डॉक्टर उसे मिल गई सोते हुए जो रेड चादर ओढ़े सोई थी लेकिन जब उसकी बॉडी मिली तो चादर शरीर से दूर था, पैंट और पेंटी दोनों उतरे हुए थे... पीएम रिपोर्ट के अनुसार बर्बर तरीके पर बात नहीं करेंगे...क्योंकि वो खौफनाक है जो करीब 40 मिनट तक हैवानियत की गई थी। सब करने के बाद उसने जम कर ड्रिंक किया था
पुलिस ने ब्लू टूथ जो संजय का था उसके क्लू से उसे अरेस्ट किया था, अरेस्ट करते ही इसने कहा था मुझे फांसी पर चढ़ा दो...
लेकिन जब मामला सीबीआई के हत्थे गया और इसे जेल भेजा गया तो उसने जेल में कहा, मैं निर्दोष हूं, मुझे फंसाया गया है!
प्रेसीडेंसी जेल के सेल नंबर 21 में बंद संजय रॉय पर सीसीटीवी के साथ सिक्स लेयर सिक्योरिटी की नजर है, दिन में दो बार मेडिकल किया जा रहा,
अब बात करें संजय को लेकर उसके परिवारवालों का क्या कहना है, लगभग हर फैमली मेंबर से खुद मेरी बात हुई है मां, सास, बहनें, जीजा, आस पड़ोस वाले।
मां ने कहा, बेटा ऐसा कुछ नहीं कर सकता है
सास ने कहा, संजय अच्छा आदमी नहीं है लेकिन ये काम उसके अकेले के बस का नहीं है
बहन जीजा अब उसे लेकर कोई संबंध नहीं रखना चाहते है, पड़ोस में भी उसकी छवि अच्छी नहीं है
हर कोई उसे बिगड़ैल, उत्तेजक, बुरी नजर वाला मानता है फिर भी यही कह रहे है सभी इस घटना को वो अकेले अंजाम नहीं दे सकता
साइकोलॉजिकल लॉजिक की बात करें तो बॉक्सर होने की वजह से वो सोते समय किसी को कंट्रोल कर सकता था, sexual pervert होने के कारण वो हैवानियत की हद पार कर सकता था जैसा पीएम रिपोर्ट में बताया गया है लेकिन टेक्निकली सोचे तो एक्सेस होने के बाद भी असंभव सा लगता है अकेले उसके लिए ऐसा कुछ करना...! फिलहाल इस बहस को जांच पर छोड़ते हैं, स्वभाव से शांत संजय का पॉलीग्राफ टेस्ट भी संभवतः इसी कारण किया गया है ताकि सच सामने आए क्योंकि संजय खुद दो राय दे चुका है
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